मंदिरों के शहर जम्मू में पुलिस की तीसरी आंख खराब है। यहां तक कि कई आतंकवादग्रस्त जिलों में भी सीसीटीवी नहीं लग पाए हैं। न ही पुलिस के सभी थाने और पुलिस चौकियां कवर हो पाई हैं। कुल मिलाकर पुलिस की जांच निजी क्षेत्र में लगे सीसीटीवी पर निर्भर है। बेशक महकमा नेशनल हाइवे पर सीसीटीवी लगाने की बात कह रहा हो, लेकिन यह दूर की कौड़ी नजर आता है।
जानकारी के अनुसार जम्मू शहर में 40 से अधिक लोकेशन पर सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ से लगाए गए थे। लेकिन इनमें से एक दो ही चल रहा है। बाकी सभी खराब पड़े हुए हैं। पुलिस को जब भी शहर में किसी क्षेत्र की कोई फुटेज चाहिए, तो दुकानों या फिर लोगों के घरों के बाहर लगे कैमरों से फुटेज लेनी पड़ती है।
इधर आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में सीसीटीवी न होना बड़ी सुरक्षा चूक है। क्योंकि प्रमुख चौक चौराहों पर सीसीटीवी की नजर नहीं है। इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा, रामबन, पुंछ, राजोरी, शोपियां, बांदीपोरा, अनंतनाग, आदि कश्मीर के जिलों में सीसीटीवी नहीं हैं।