रोहिंग्या से 29 लाख रुपये बरामद किए जाने के मामले में पुलिस ने प्लेसमेंट सर्विस और हवाला राशि की सप्लाई की थ्योरी पर भी काम करना शुरू कर दिया है। दो बांग्लादेशियों द्वारा 29 लाख रुपये की खेप रोहिंग्या की झुग्गियों में छोड़ने के बाद पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए मोबाइल कॉल ट्रेस कर रही है। मोबाइल कॉल की लोकेशन कोलकत्ता के आसपास आ रही है।
पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है कि आतंकवाद, हवाला राशि या गोहाटी के बच्चों को लाकर नौकरी दिलाने के झांसे का रैकेट के रुपये तो नहीं थे। इन रुपयों को लाने व ले जाने वाले रैकेट की पूछताछ की जानकारी के लिए पुलिस कार्य कर रही है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल से इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।
पुलिस को आशंका है कि हर बुधवार को गुवाहाटी और सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से कुछ लड़कियों व लड़कों को नौकरी दिलाने के नाम पर जम्मू लाया जा रहा है। करंट टिकट कटाकर ट्रेन में बिठाया जाता है और जम्मू से लेकर कश्मीर तक जाल फैला हुआ है। इन लड़कियों के पहुंचने के बाद उनके लिए पहले से ही स्टेशन पर गाडियां खड़ी होती हैं। जो उन्हें अलग अलग घरों में पहुंचाती है।
रेलवे स्टेशन के अंदर से ही चल रहे इस रैकेट को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। इन्हें लाने व ले जाने में लाखों रुपये की डील होती है। इस रैकेट में अधिकतर बांग्लोदशी और रोहिंग्या शामिल हैं। पकडे़ गए दोनों लोगों ने भी कबूला है दो बांग्लादेशियों ने उनके घरों में रुपयों से भरा बैग रखा था। पुलिस ने भी विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियों की जांच शुरू कर दी है।