प्रदेश में तीन साल तक भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार में रही पीडीपी की गतिविधियां पिछले चार महीनों से लगभग मंद पड़ चुकी हैं। जम्मू में गांधीनगर स्थित संभागीय मुख्यालय को छोड़ अन्य जगहों पर पार्टी की गतिविधियां शून्य स्तर तक पहुंच गई हैं। इस वजह से जम्मू संभाग में पार्टी के कई कदावर नेता जिसमें पूर्व महासचिव फकीर चंद भगत भी शामिल हैं, भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
पार्टी नेताओं के अनुसार पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती श्रीनगर में पांच अगस्त से नजर बंद हैं। पार्टी के नेताओं को उनसे मिलने तक नहीं दिया जा रहा। पार्टी अध्यक्ष से चर्चा के बिना पीडीपी कोई फैसला नहीं ले सकती है। ऐसे में महबूबा से मुलाकात या उनके रिहा होने के इंतजार के अलावा ओर कोई विकल्प नहीं है।
पूर्व एमएलसी और वरिष्ठ नेता वेद महाजन का कहना है कि पीडीपी के गांधीनगर स्थित कार्यालय में नेता पहुंचते हैं और हालात पर चर्चा होती है। पार्टी की गतिविधियां जरूर ठंडी हैं। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के लिए श्रीनगर जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया है। उनसे मुलाकात के बाद भविष्य की रणनीति को तय किया जाएगा और पार्टी उस पर चलेगी।