पुंछ जिले को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगलरोड सोमवार को आठ दिनों के बाद एकतरफा यातायात के लिए खोल दी गई। पहले कश्मीर की तरफ से वाहनों को मुगलरोड पर चलने की अनुमति दी गई है। मंगलवार को पुंछ की तरफ से मुगलरोड पर यातायात को छोड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि मुगलरोड पर पिछले सोमवार को पुंछ जिले की तरफ से 35 किमी दूर स्थित रत्ताछंब पुल के पहले भारी भूस्खलन होने के कारण मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। अगले ही दिन मुगलरोड अथॉरिटी ने मुगलरोड को खोलने के प्रयास शुरू करते हुए भारी मशीनों को मलबा हटाने के काम पर लगाया था।
भूस्खलन ज्यादा होने और मलबा हटाने के साथ पहाड़ से भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और पेड़ गिरने के चलते मार्ग को बहाल करने में काफी कठिनाइयां होने लगी थीं। पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल विंग के सहयोग से सोमवार को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में 70 प्रतिशत मलबा हटाते हुए अस्थायी रास्ता बनाया गया और मुगलरोड को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया।
इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि, आठ दिनों से मुगलरोड बंद होने के कारण पुंछ जिले के व्यापारियों, कश्मीर के अस्पतालों में उपचार करवाने वालों, कश्मीर के शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई करने वालों और ढोकों की तरफ जाने वाले गुज्जर-बक्करवालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
अभी मुगलरोड को अस्थायी रूप से ही खोला गया है, क्योंकि दो दिन बाद कश्मीर में एक बड़े उर्स का आयोजन होने वाला है, जिसमें पुंछ-राजोरी से हजारों श्रद्धालु भाग लेने जाने वाले हैं। उनकी ही मांग पर मुगलरोड पर अस्थायी यातायात बहाल किया गया है।
भूस्खलन वाले क्षेत्र में पुरानी सड़क अभी भी कम से कम 20 फुट मलबे के नीचे है। उसे निकालने के लिए अभी भारी मात्रा में मलबा हटाया जाना है।