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जम्मू-कश्मीर: पूर्व मंत्री सरूरी से एनआईए ने की पूछताछ, आतंकी घटनाओं से जुड़े लिंक पर हुए सवाल

Wed, 12 Feb 2020 11:33 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएम सरूरी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएम सरूरी से कई घंटे पूछताछ की। किश्तवाड़ में आतंकी वारदातों को लेकर सोमवार को पूर्व मंत्री को समन जारी कर एनआईए ने मंगलवार को पेश होने के लिए कहा था।
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मंगलवार को सुबह 11 बजे बयान देने के लिए एनआईए कार्यालय पहुंचे सरूरी से शाम सात बजे तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने उनसे कई सवाल पूछे। कहा जा रहा है कि एजेंसी अब सरूरी के बयान और इससे पहले जिले में हुई आतंकी वारदातों के संबंध में गिरफ्तार लोगों के बयानों को क्रॉस चेक करेगी। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरूरी ने कहा कि एनआईए का समन उनकी समझ से बाहर है। क्या आपको लगता है कि मेरा हिजबुल मुजाहिदीन या फिर आतंकी ओसामा से कोई नाता था या है? 

किश्तवाड़ में पिछले डेढ़ साल में आतंकियों ने भाजपा से जुड़े अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेता चंद्रकांत शर्मा की हत्या की है। तत्कालीन डीसी और पीडीपी नेता के पीएसओ से हथियार छीनने की घटनाएं भी आतंकियों ने ही अंजाम दी हैं। पिछले साल सितंबर में जिले में हिजबुल मुजाहिदीन से संपर्क रखने के आरोप में दर्ज दो मुकदमों में एक दर्जन व्यक्तियों के नाम थे, जिनमें सरूरी के भाई मोहम्मद शफी का नाम भी था। शफी ने आरोप से इनकार करते हुए कहा था कि आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
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बेटे ने किया दावा, डेढ़ घंटे हुई पूछताछ
सरूरी के बेटे शारिक सरूरी ने दावा किया है कि शाम साढ़े तीन बजे से डेढ़ घंटे तक एनआईए ने पूछताछ की है। उनके पिता सुबह 11 बजे पहुंच गए थे लेकिन जांच अधिकारी देरी से पहुंचे। पिता ने एनआईए को जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। पिता ने जांच अधिकारी के समक्ष उनके चाचा शफी का मामला भी उठाया। साफ किया कि हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी जहांगीर सरूरी का उनके परिवार से कोई नाता नहीं है। आतंकी मोहम्मद आमिन भट ने भाजपा के सत्ता में आने के बाद अपने नाम से साथ सरूरी जोड़ा। इससे पहले वह जहांगीर के कोड नाम से जाना जाता था। ओसामा के संबंध में उनसे कोई सवाल नहीं किया गया। 
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