कुपवाड़ा। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के कारण जिले के विभिन्न सीमा क्षेत्रों की सड़कों के बंद हो जाने के बाद लोग काफी परेशान हैं। जिला प्रशासन कुपवाड़ा ने करनाह क्षेत्र से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को हवाई मार्ग से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, ताकि उन्हें त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।
कुपवाड़ा की डिप्टी कमिश्नर (डीसी) आयुषी सुदन के निर्देश पर अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों ने एक निकासी अभियान चलाया। इसके तहत खारवाप्रा के 15 वर्षीय रोहैल मीर और कोना गबरा की 18 महीने की बच्ची बीबी सना को करनाह से हवाई मार्ग से निकालकर कुपवाड़ा लाया गया। वहां से दोनों मरीजों को एम्बुलेंस में बैठाकर श्रीनगर के लिए अग्रिम चिकित्सा उपचार के लिए भेजा गया।
हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण करनाह, माचिल और केरन के विभिन्न सीमा सड़कों के बंद होने के बाद, जिला प्रशासन कुपवाड़ा ने इन बर्फ से घिरे सीमा क्षेत्रों में किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति और निकासी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्था की थी। इन हेलीकॉप्टर सेवाओं को जिले के मुख्यालय से सीमा क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने के लिए सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। इस बीच, करनाह क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने कुपवाड़ा की डिप्टी कमिश्नर की प्रशासनिक सक्रियता की सराहना की और एसडीएम करनाह तथा अन्य अधिकारियों के त्वरित और समन्वित प्रयासों की भी सराहना की। संवाद