श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को सिविल सचिवालय में वित्त विभाग की कार्यप्रणाली और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) का अधिकतम उपयोग प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि साझेदारी का पैटर्न अनुकूल है। बैठक में प्रमुख सचिव वित्त विभाग ने बजट प्रवृत्तियों, वित्तीय चुनौतियों और चल रहे सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने सीएसएस पर ध्यान देने और राजस्व वृद्धि की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विभिन्न सीएसएस के तहत केंद्र से प्राप्त सीएसएस फंड की राशि 10,300 करोड़ रुपये है, जबकि 2022-23 में यह 6,386 करोड़ रुपये और 2021-22 में 5,997 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा, इसकी सुनिश्चितता के लिए प्रशासनिक सचिवों और विभाग प्रमुखों द्वारा निकटता से निगरानी रखी जानी चाहिए। साथ ही कार्यान्वयन की गति बढ़ाई जानी चाहिए और केंद्रीय और यूटी हिस्सों की समय पर रिलीज सुनिश्चित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक विभागों को संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के साथ सीएसएस से संबंधित मुद्दों का फॉलोअप करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने गैर-प्राथमिक व्यय को नियंत्रित करने, कर राजस्व बढ़ाने और उच्च पूंजी व्यय के लिए जगह बनाने के उपायों पर बात की। उन्होंने सभी विभागों से पूंजी व्यय में तेजी लाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों को लक्ष्यों के खिलाफ राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने वित्त विभाग को यूटी शेयर की प्राथमिकता से रिलीज करने का निर्देश दिया।