बांदीपोरा। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले के सदरकूट बाला के निवासियों ने एक बार फिर क्षेत्र में पत्थर खदान पर जारी प्रतिबंध के खिलाफ आवाज उठाई है और बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इसे तत्काल हटाने की मांग की है। जिले के सैकड़ों परिवारों की आजीविका का मुख्य स्रोत रही यह खदान 2019 से बंद है और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार के बार-बार दिए गए आश्वासनों पर कोई अमल नहीं हुआ है।
स्थानीय निवासी बिलाल अहमद ने कहा कि प्रतिबंध ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं और कई परिवार आर्थिक तंगी में फंस गए हैं। उन्होंने मांग की कि इसे जल्द से जल्द खोला जाए ताकि लोगों का रोज़गार फिर से शुरू हो सके। एक अन्य निवासी गुलाम मोहम्मद पर्रे ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को सुलझाने का वादा किया था लेकिन सत्ता में आने के दस महीने बाद भी कुछ नहीं बदला है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले पर गंभीरता से सोचना चाहिए ताकि हमारी आजीविका का कुछ हो सके। लोगों में विधायक सोनावारी के खिलाफ भी गुस्सा बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया था कि मामले की समीक्षा करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। एक अन्य निवासी ने कहा कि उनके इस बयान को तीन महीने हो गए हैं लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई है। लोग उम्मीद खो रहे हैं। ग्रामीणों ने अब सीधे उपराज्यपाल प्रशासन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और प्रतिबंध हटाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह यह अस्तित्व का सवाल है।