श्रीनगर। नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यौम-ए-आशूरा के पवित्र अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 श्रद्धेय साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कर्बला की लड़ाई में उनके सर्वोच्च बलिदान को साहस, आस्था और अत्याचार के विरुद्ध प्रतिरोध के शाश्वत प्रतीक के रूप में याद किया।
पार्टी मुख्यालय नवा-ए-सुबह से जारी एक बयान में डॉ. फारूक ने कहा कि हजरत इमाम आली मुकाम और उनके साथियों का अद्वितीय बलिदान पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक प्रकाश बना हुआ है। उमर अब्दुल्ला ने कहा, अपने धैर्य, दृढ़ता और बलिदान के माध्यम से इमाम आली मुकाम (एएस) और उनके साथियों ने अच्छाई और बुराई के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची। उनकी विरासत मानवता के लिए एक नैतिक दिशासूचक है।