सेब और केसर के बाग में पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज नेे किसानों से बातचीत की।
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श्रीनगर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शेर ए कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कश्मीर से संबद्ध सेब, केसर सहित बागवानी अनुसंधान और प्रदर्शन ब्लॉकों का दौरा किया। उन्होंने बागवानी में जमीनी स्तर पर नवाचारों की समीक्षा की। साथ ही जम्मू-कश्मीर के कृषि विद्यार्थियों, किसानों व वैज्ञानिकों से बातचीत की। घाटी में बागवानी के क्षेत्र में हुई प्रगति की जानकारी ली।
शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने या विकसित खेती का काम खेत में जाए बिना नहीं हो सकता। इसीलिए मैं पूरे देश में खेतों में जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान में हमने वैज्ञानिकों को गांवों और खेतों में भेजा था। उन्हें कहा था कि रिसर्च आपको किसानों को बताना है और किसानों ने जो इनोवेशन किया है, उनसे सीखकर आना है। साथ ही समस्याएं भी जानना है। राज्यवार किसानों की अलग-अलग समस्याएं हैं। जैसे जम्मू-कश्मीर में केसर का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में और रिसर्च हो सकती है। क्लाइमेट चेंज के कारण हेल स्टॉर्म आ जाता है, वो एक बड़ी समस्या है। हम योजनाओं में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि किसानों की हार्टिकल्चर फसल का भी बीमा होना चाहिए। हम हार्टिकल्चर क्रॉप का बीमा सुनिश्चित करेंगे। बोले, हम इम्पोर्ट ड्यूटी के ऐसे उपाय करेंगे कि बाहर का सेब महंगा हो जाएं। इससे हमारा सेब ज्यादा बिकेगा। परिवहन की दिक्कत है तो रेल मंत्रालय से बात होगी कि हमारे उत्पाद जल्दी बाकी हिस्सों में पहुंचें। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि आपके-हमारे बीच केवल एक फोन कॉल की दूरी है। आपको बहुत जरूरी बात करनी है तो मैं आपसे दिल्ली में भी मिल लूंगा। भरसक कोशिश रहेगी कि हम आपकी समस्याओं का समाधान करें। कोई परेशानी नहीं होने देंगे।