श्रीनगर। बालटाल और पंजतरणी के बेस अस्पतालों में टेलीमेडिसिन सुविधाओं को शुरू किया गया है। यह पहल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, कश्मीर (डीएचएसके) के बीच रणनीतिक सहयोग का हिस्सा है। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पहली बार डीएचएसके शेष चार बेस अस्पतालों - पवित्र गुफा, निचली (लोअर) पवित्र गुफा, शेषनाग और चंदनबाड़ी में टेलीमेडिसिन के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है, जो वर्तमान में प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि ये अत्याधुनिक टेलीमेडिसिन सिस्टम तृतीयक देखभाल केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ ऑन-ग्राउंड मेडिकल टीमों को जोड़ने के लिए इसरो की उपग्रह संचार तकनीक का उपयोग करते हैं। यह वास्तविक समय की कनेक्टिविटी जटिल या गंभीर मामलों के प्रबंधन पर त्वरित निदान, विशेषज्ञ परामर्श और मार्गदर्शन को सक्षम बनाती है। विशेष रूप से यात्रा मार्ग के बीहड़ और दूरदराज के इलाकों में महत्वपूर्ण है।
कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. जहांगीर बख्शी ने कहा कि बालटाल और पंजतरणी में टेलीमेडिसिन के संचालन के साथ, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि सबसे दूरदराज के चिकित्सा शिविरों में भी तीर्थयात्रियों को समय पर विशेषज्ञ मिले। यह तकनीक अनावश्यक निकासी को कम करने और ऑन-साइट देखभाल को मजबूत करने में अमूल्य साबित हो रही है।