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Jammu News: केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के डेयरी, मत्स्य पालन विकास के लिए पूर्ण समर्थन का किया वादा

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श्रीनगर। कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों के विकास के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। केंद्रीय मंत्री शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर (स्कॉस्ट-के) में आयोजित एक समारोह ‘रीइमेजिनिंग लाइवस्टॉक एंड फिशरीज विद फ्यूचर रेडी फार्मर्स: विजन 2030’ में बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में कृषि उन्नति और किसान समुदाय के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सहकारी समितियों के तहत संगठित करने की आवश्यकता है ताकि छोटे और सीमांत डेयरी किसानों को लाभ हो। उन्होंने कहा कि कश्मीर ट्राउट और विशिष्ट डेयरी उत्पादों के निर्यात की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय प्रत्येक जिले में डेयरी रिटेल आउटलेट स्थापित करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार को पूर्ण समर्थन प्रदान करेगा।
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राजीव रंजन सिंह ने डेयरी और मत्स्य पालन किसानों, पशु सखियों और उद्यमियों के साथ बातचीत की, जिन्होंने उन्हें जम्मू-कश्मीर में इन क्षेत्रों की प्रगति के साथ-साथ अपनी समस्याओं और चुनौतियों के बारे में बताया। इससे पहले स्कॉस्ट-के में, केंद्रीय मंत्री ने स्कॉस्ट-के के हाई डेंसिटी सेब के बागों का दौरा किया, इसके बाद विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया, जहां पशु विज्ञान में अभूतपूर्व कृषि नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जाविद अहमद डार ने पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्र में परिवर्तन के लिए केंद्रीय मंत्री के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने किसान समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पशुधन उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर जोर दिया। शैलेंद्र कुमार ने केंद्र शासित प्रदेश के डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों का अवलोकन दिया, जबकि स्कॉस्ट-के के कुलपति ने विश्वविद्यालय के कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर स्कॉस्ट-के के अधिकारियों और संकाय सदस्यों, संबंधित विभागों के निदेशकों और अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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