फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: हम सबका विश्वास भोले के साथ, जय हो बाबा अमरनाथ

विज्ञापन
बालटाल पहुंचा पहला जत्था।  - फोटो : shrinagar news
विज्ञापन
बालटल। कैसा डर, किसका खौफ और क्यों डरे। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं न, हमारी भारतीय सेना है न। तो डर काहे का। बेखौफ होकर आए हैं और निडर होकर दर्शन करेंगे। ये हमारा देश है किसी की जागीर नहीं है। हम भोले के भक्त हैं। उन्हीं के बुलावे पर हम आए हैं। हमारा तो एक ही नारा है ''''''''हम सब का विश्वास भोले के साथ, जह हो बाबा अमरनाथ''''''''।
विज्ञापन


यह कहना है हवाई मार्ग से जयपुर से बाबा बर्फानी का दर्शन करने पहुंचे गौरव और उनकी पत्नी रीता, पानीपत हरियाणा से अवनीश, रोहतक से सुखविंदर और सड़क मार्ग के जरिए यूपी के प्रयागराज से पहुंचे अरविंद सिंह, बस्ती जिला से आए राजाराम और सूरज सिंह सरीखे सैकड़ों शिव भक्तों का। जयपुर से फ्लाइट से श्रीनगर और वहां से टैक्सी से बालटाल बेस कैंप तक पहुंचे पेशे से इंंजीनियर गौरव और उनकी पत्नी रीता कहना है कि लगातार दूसरे साल बाबा के दर्शन करने आए हैं।

एयरपोर्ट से लेकर यहां बालटाल बेस कैंप तक हर मोड़, चौराहे और गेट पर भारतीय सेना के रणबांकुरे मुस्तैद दिखे। इतनी सुरक्षा देख ऐसा महसूस हो रहा था कि हम श्रद्धालु नहीं बल्कि कोई वीवीआईपी मेहमान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर जितनी बातें कहीं थी मौके पर उससे भी कहीं ज्याादा देखने को मिल रहा है। यात्रियों से अपील है कि बेखौफ होकर दर्शन करने आएं। दुश्मनों की छाती छलनी करने के लिए हमारे फौजी मुस्तैद हैं।
विज्ञापन


यूपी के प्रयागराज से पहुंचे अरविंद सिंह, बस्ती से आए राजाराम और सूरज सिंह कहना है कि ऐसी सुरक्षा व्यवस्था हमने पहले कभी नहीं देखी थी। रास्ते में पंथाचौक, शादीपोरा, मनिगाम और बालटाल में करीब हर सौ मीटर पर हाथों में एके-47 और एलएमजी लिए हमारे जवान संदेश दे रहे थे कि हम हैं ना! बेखौफ होकर दर्शन करने जाओ। भोले की कृपा और जवानों का हौसला ही है कि हमारे जैसे हजारों श्रद्धालु बेखौफ होकर बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। जय हो बाबा बर्फानी की ...।

-

दुश्मनों की छाती छलनी करने को तैयार हैं जवान

श्रीनगर से पंथाचौक, शादीपोरा और मनिगाम ट्रांजिट कैंप तक जगह-जगह तैनात सेना, सीआरपीएफ, एसएसबी और असम राइफल्स के जवान यात्रियों को सुरक्षित आगे बढ़ रहे थे। पवित्र गुफा से पहले पड़ाव स्थल बालटाल पर पहुंचे एक-एक तीर्थ यात्रियों की तलाशी लेने के बाद ही जवान उन्हें आगे बढ़ा रहे थे। नीचे जवान तलाशी ले रहे थे तो ऊपर चोटी पर बैठे हथियार लिए सैनिक दुश्मनों की छाती छलनी करने के लिए निशाना लगाए बैठे थे। बालटाल बेस कैंप में देर शाम तक डीआईजी सीआरपीएफ, डिप्टी कमिश्नर गांदरबल जतिन किशोर, एसएसपी गांदरबल खलील अहमद पोशवाल, एसएसपी सिक्योरिटी समेत दर्जनों सुरक्षा अधिकारी एक-एक बिंदु की समीक्षा कर रहे थे।
विज्ञापन


-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें