श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा कैनाल में अचानक दरार आने से दक्षिण कश्मीर में गंभीर सिंचाई संकट पैदा हो गया है। इससे अनंतनाग और पुलवामा जिलों में सैकड़ों कनाल कृषि भूमि में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। मंगलवार को आई इस दरार ने कैनाल के लगभग 50 मीटर हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया है जबकि हाल ही में निर्मित पीएमजीएसवाई सड़क का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ है जिससे क्षेत्र में कृषि आजीविका और कनेक्टिविटी दोनों पर चिंता बढ़ गई है।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने आगे के कटाव को रोकने के लिए पानी के प्रवाह को रोक दिया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पुष्टि की कि बहाली में कम से कम 4 से 5 दिन लग सकते हैं। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है जो धान की रोपाई के लिए समय की कमी से जूझ रहे हैं जबकि यह काम 21 जून तक पूरा हो जाना चाहिए। हरि के एक किसान मोहम्मद नकीब ने कहा कि यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण समय है। धान की रोपाई के लिए हमारे पास बहुत कम समय बचा है। अगर जल्द ही पानी बहाल नहीं हुआ, तो हमारा पूरा सीजन बर्बाद हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह दरार न केवल उनकी आजीविका को खतरे में डालती है बल्कि सिंचाई के बुनियादी ढांचे के रखरखाव से जुड़ी पुरानी समस्याओं को भी उजागर करती है। बेगपोरा के निवासी फैयाज अहमद ने कहा कि यह रातों-रात नहीं हुआ। कैनाल के तटबंध कई सालों से कमजोर हो रहे हैं। अधिकारी आपदा आने के बाद ही जागते हैं। इस नुकसान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) का हिस्सा हाई डायवर्सन रोड को भी प्रभावित किया है जो कई गांवों को जोड़ता है। यात्रियों को अब लंबे और कठिन रास्तों से जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एक स्कूल शिक्षिका नसीम अहमद ने कहा कि यह सड़क हमारे लिए जीवन रेखा थी। अब यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है - न तो छात्र और न ही मरीज आसानी से यात्रा कर सकते हैं। बता दें कि स्थानीय विधायक बशीर अहमद वीरी और डीडीसी सदस्य तसद्दुक अहमद ने भी घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय निवासियों से बातचीत की। उन्होंने भी लोगों को आश्वासन दिया और कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए हमने संबंधित विभागों के साथ इस मामले को उठाया है। बहाली के काम में तेजी लाई जाएगी और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जाएगा।