श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के चिंतित नागरिकों के समूह (जीसीसी) ने तीर्थ स्थलों सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकारी नीतियों की समीक्षा का आह्वान किया है। पहाड़ी इलाकों में विस्फोट कार्यों और पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई को भूमि कटाव, भूमि धंसाव और भूस्खलन का मुख्य कारण बताते हुए बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृत करने से पहले पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) की बारीकी से जांच करने के लिए कहा।
एलजी और मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह सभी चल रही और प्रस्तावित नई परियोजनाओं के पर्यावरण मंजूरी के लिए पुनर्मूल्यांकन करें। जीसीसी ने बादल फटने और अचानक आई बाढ़ में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। सरकार से प्रभावितों के लिए तत्काल राहत और पुनर्वास का अनुरोध किया है।