श्रीनगर। जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने मानसून के मद्देनजर अभियंताओं और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रविवार को बैठक कर जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से निपटने की तैयारियों का आकलन किया। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों, विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक तैयारियों और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। अधिकारियों को झेलम, रावी, तवी और उनकी सहायक नदियों पर विशेष ध्यान देते हुए सभी प्रमुख नदी प्रणालियों में जल स्तर की चौबीस घंटे निगरानी करने का निर्देश दिया।
उन्होंने राम मुंशी बाग, श्रीनगर में बाढ़ नियंत्रण एवं प्रबंधन कक्ष का भी दौरा किया। त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और हितधारकों को पूर्व चेतावनी संकेतों के वास्तविक समय पर प्रसार के महत्व पर बल दिया। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने मंत्री को बताया कि विभाग बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बताया गया कि विभाग ने सूचना और पूर्वानुमान प्रकोष्ठ (आईएफसी) के सहयोग से कश्मीर फ्लड वॉच मोबाइल एप विकसित किया है। इस पर झेलम समेत अन्य नदियों का जलस्तर अपडेट होता रहेगा।
लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर मंत्री को बताया गया कि ईसी बैग का पर्याप्त स्टॉक तैयार किया गया है। राणा ने बाढ़ नियंत्रण विभाग के सक्रिय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने समय पर हस्तक्षेप, तकनीक संचालित समाधानों और जन जागरूकता पहलों के माध्यम से जानमाल की सुरक्षा के प्रति उमर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।