श्रीनगर। जम्मू कश्मीर हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने उच्च न्यायालय के फैसला का स्वागत किया है। बता दें कि बुधवार को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने फैसला दिया है, जिसमें कहा गया है कि किसी व्यक्ति को केवल उसके परिवार के सदस्य के आतंकवाद में शामिल होने के कारण पासपोर्ट देने से मना नहीं किया जा सकता।
मीरवाइज़ ने एक्स पर किये गए पोस्ट में लिखा, यात्रा दस्तावेज जारी करने के संबंध में उच्च न्यायालय का फैसला उन लोगों में उम्मीद जगाता है, जिन्हें वर्षों से उनके संबंधों के आधार पर पासपोर्ट नहीं मिल पा रहे थे। हजारों लोगों को ( उग्रवादियों के बच्चे और रिश्तेदार, राजनीतिक कैदी और जेलों में बंद मेरे जैसे नेता) इस मौलिक अधिकार से वंचित रखा गया है। मुझे उम्मीद है कि इस फैसले का शासक सम्मान करेंगे।