जम्मू। सरकार का पहला बजट सत्र विधानसभा के पुराने बिजनेस रूल के तहत ही चल सकता है। नए बिजनेस रूल बनाने में काफी वक्त लग सकता है। जबकि फरवरी के मध्य में बजट सत्र शुरू होना है।
सूत्रों का कहना है कि रूल बनाना एक लंबा अभ्यास है। इतने कम समय में इसके पूरा होने के आसार कम हैं। ऐसा इसलिए भी है कि रूल पैनल की पहली बैठक में इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। 9 सदस्यों वाले पैनल में 4 गैरहाजिर थे। अब अगली बैठक फिर से होगी। जो इसी महीने 7 जनवरी को होगी। जानकारी के अनुसार बिजनेस रूल को लेकर जारी आदेश में स्पष्ट है कि नया बजट सत्र चलाने के लिए नए रूल बनाने होंगे। एक प्रावधान ये भी है कि यदि नए रूल नहीं बन पाते तो पुराने रूल के तहत बजट सत्र चलाया जा सकता है। पैनल में मौजूद एक सदस्य का कहना है कि पहली बैठक में रूल को लेकर चर्चा हुई है। बैठक में तय किया गया कि जनादेश के तहत ही रूल बनाए जाएंगे, जोकि सबके हित में हों। कुछ रूल डिलीट किए जाएंगे, जोकि रूल में लागू नहीं हैं। कुछ जोड़े जाएंगे जोकि रूल में लागू हैं। ये भी बताया कि रूल बनाना एक बड़ी प्रक्रिया है। इसमें सबकी सहमति होना जरूरी है। इसमें काफी वक्त लगता है, क्योंकि बजट सत्र फरवरी में होना है तो इतने कम समय में इसका बनना थोड़ा मुश्किल भी है। पैनल में मौजूद सब लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द इसका काम हो। बता दें कि पहली बैठक में नए रूल को लेकर चर्चा तो जरूर हुई है, लेकिन इसमें कोई अहम फैसला नहीं हो सका है। पैनल में विधानसभा के स्पीकर अब्दुल रहीम राथर, विधायक मुबाकर गुल, विधायक मोहम्मद युसुफ तारीगामी, निजामुद्दीन भट्ट और पवन गुप्ता शामिल थे।