श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में सोमवार को करीब छह वर्ष से अधिक समय के बाद विधानसभा की कार्रवाई शुरू हुई। सुबह से ही श्रीनगर के लाल चौक से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित नागरिक सचिवालय के करीब बनाई गई विधानसभा के बाहर काफी गहमागहमी दिखाई दी। वीआईपी मूवमेंट के लिए भी सभी इंतजाम दिखे। ट्रैफिक पुलिस के अलावा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात दिखे। एक दिन पूर्व हुए ग्रेनेड हमले के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
विधानसभा में साढ़े नौ बजे सब तैयारियों को आखिरी शक्ल दी जा रही थी। एलजी, मुख्यमंत्री व अन्य विधायकों के लिए सदन की सीढ़ियों पर ''''रेड कारपेट'''' बिछाया जा रहा था। और इस बीच एक ड्रिल भी हुई कि वीवीआईपी के आने पर कैसे प्रोटोकॉल होगा। सदन के भीतर मार्शल और अन्य सदन का स्टाफ तैयारी में था कि कब सदन की कार्रवाई शुरू हो। सबसे पहले नेकां के पट्टन से विधायक रियाज़ बेदार दाखिल हुए जोकि पहली बार सदन में चुनकर पहुंचे थे। उन्हें सीट ढूंढने में मार्शल ने मदद की और वह अपनी सीट पर जा बैठे। इसके बाद बाकी विधायकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। पीडीपी के वहीद पर्रा और फ़य्याज़ मीर एक साथ दाखिल हुए। मीडिया गैलरी की ओर इशारा करते हुए सलाम-दुआ की। इस बीच अनंतनाग से कांग्रेस विधायक पीरज़ादा मोहम्मद सैयद को मार्शल ने सहारा देते हुए अपनी सीट पर पहुंचाया।
नेकां के तनवीर सादिक और सलमान सागर दाखिल हुए। वह वेल में जाकर सामने बैठे सज्जाद लोन से मिले। कांग्रेस के तारिक कर्रा आए जो आते ही पीरज़ादा मोहम्मद सैयद से मिले और तारिगामी से भी मिले। नेकां के नज़ीर गुरेज़ी भी वेल में उतरे और सबसे मुलाकात की। लेकिन करीब आधे घंटे तक भाजपा का कोई भी सदस्य नहीं दिखा। दस बजकर बीस मिनट पर भाजपा के एसएस सलाथिया दाखिल हुए, उनके साथ ही रणबीर सिंह सलाथिया, सुनील शर्मा, शाम लाल शर्मा और अन्य नेता थे। शाम लाल शर्मा ने अपनी सीट पर खड़े होकर पहले तारिक़ कर्रा की ओर देखते हुए कहा, कर्रा साहब हमारी भी सलाम ले लो। बाद में सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों की ओर हाथ जोड़ते हुए कहा, सभी मंत्रियों को मेरा आदाब। इस बीच अगर बात करें तो मिली जानकारी के अनुसार 51 ऐसे चेहरे हैं जो पहली बार विधायक बने हैं और उनमें किश्तवाड़ से विधायक शगुन परिहार सबसे कम उम्र की हैं।
सदन के एक कर्मचारी ने नाम न ज़ाहिर करने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा, आज एक बार जैसे दोबारा रौनक लौट आई है। करीब छह साल से अधिक समय के बाद हमने अपनी वर्दियां पहनी हैं। एक ख़ुशी का माहौल लग रहा है। लेकिन अभी शुरू में थोड़ी दिक्कतें ज़रूर आएंगी लेकिन सब ठीक होगा।
इस बीच ठीक साढ़े दस बजे प्रोटेम स्पीकर मुबारक गुल द्वारा विधानसभा की शुरुआत में ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया। कृषि मंत्री जावेद अहमद डार ने राथर को अध्यक्ष पद के लिए नामित करने का प्रस्ताव रखा, जबकि नेकां के रामबन से विधायक अर्जुन सिंह राजू ने पांच दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रस्ताव का समर्थन किया और सदन के सदस्यों से जब वोट करने को कहा गया तो किसी ने भी इसके खिलाफ वोट नहीं दिया। चुनाव के बाद राथर को सदन के नेता उमर अब्दुल्ला और विपक्ष के नेता भाजपा के सुनील शर्मा ने कुर्सी तक पहुंचाया।