जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल का पद 10 महीने से खाली है। इसका न्यायिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। खासकर वकील समुदाय प्रभावित हो रहा है। वकीलों को एडवोकेट वेलफेयर फंड जारी नहीं हो रहा है। कई गंभीर बीमारियों और हादसा पीड़ित अधिवक्ताओं की फाइलें अटकी पड़ीं हैं। फंड जारी करने के लिए एडवोकेट जनरल के हस्ताक्षर होना जरूरी है।
जानकारी के अनुसार वकीलों के वेलफेयर फंड जारी करने के बनाई गई समिति में एडवोकेट जनरल का होना जरूरी है। हाईकोर्ट के 12 वकीलों की फाइलें समिति के पास पड़ी हुई हैं। इनमें कोई कैंसर से जूझ रहा है, तो कोई एक्सीडेंट के कारण गंभीर चोटों से। बावजूद इसके फंड जारी नहीं हो रहा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू के अध्यक्ष निर्मल कोतवाल का कहना है कि कई बार यह मुद्दा उठाया है। एलजी और सीएम से भी इसे लेकर बात की है।