पहलगाम। भोले के भक्तों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अनंतनाग से पहलगाम तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। बुधवार करीब ढाई बजे जब भक्तों का पहला काफिला अनंतनाग पहुंचा तो भोले के जयकारों से घाटी गूंज उठी। करीब साढ़े तीन बजे काफिले के वाहन पहलगाम के नुनवान बेस कैंप पहुंचे।
बुधवार सुबह जम्मू से भोले के 5892 भक्तों का पहला जत्था रवाना किया किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे भक्तों के काफिले ने काजीगुंड से कश्मीर में प्रवेश किया। करीब ढाई बजे 3138 यात्रियों के 137 वाहनों का काफिला अनंतनाग और 3:30 बजे पहलगाम पहुंचा। यहां से भक्त नुनवान बेसकैंप तक पहुंचे।
अनंतनाग से ही काफी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। भक्तों के काफिले के लिए सुबह से ही सड़कें खाली करा दी गईं थीं। ऑटो, कार, बस... किसी भी वाहन को सड़क पर खड़े होने की अनुमति नहीं थी। काफिला अनंतनाग में दाखिल हुआ तो उसके आगे सुरक्षाबलों के बख्तरबंद वाहन चल रहे थे। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
काफिले के बीच में भी सुरक्षाकर्मी चल रहे थे। हर बस में एक सुरक्षाकर्मी मौजूद था। मार्ग में कई जगह वाहन रोक कर रखे गए गए थे। पहले भक्तों के काफिले में शामिल वाहनों को निकाला जा रहा था। इनके पीछे कई अन्य निजी वाहन थे, इनमें वे श्रद्धालु थे जिनका पंजीकरण नहीं था और उन्हें नुनवान बेस कैंप में जाकर पंजीकरण कराना था।
अनंतनाग की केपी रोड पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने स्वागत किया। इसके बाद नुनवान कैंप पहुंचने पर जिला उपायुक्त अनंतनाग फखरूदीन हामिद, एमएलए अनंतनाग अल्ताफ कलू समेत अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने पहले जत्थे में शामिल यात्रियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
38 दिन चलने वाली यह यात्रा वीरवार सुबह से शुरू होगी। यात्रा घाटी से दो रास्तों - अनंतनाग जिले में 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग के जरिए शुरू होगी। यात्रा 9 अगस्त को संपन्न होगी। इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक 3.31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है।
भोला बड़ी दूर है... जाना भी जरूर है
रास्ते भर जयकारे लगाते हुए नुनवान पहुंचे भक्तों का जोश और बढ़ गया। बम बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे लगने लगे। कैंप पर उतरे श्रद्धालु भोला बड़ी दूर है... जाना भी जरूर है गा रहे थे, जो उनके जोश को और बढ़ा रहा था। दिल्ली से आये रवि ने बताया कि उनकी यह 10वीं यात्रा है। इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। भोले के भरोसे आएं है, उम्मीद है यात्रा सफल होगी।