सुरक्षा दीवार और प्लेटफॉर्म निर्माण करने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। पुरमंडल से बाड़ी ब्राह्मणा सड़क किनारे स्थित सदियों पुराने प्राचीन बरगद और पीपल के पेड़ क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। इन विशालकाय पेड़ों को लोग ऐतिहासिक धरोहर के रूप में देखते हैं। समय के साथ इनके संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। लोगों ने प्रशासन से इन प्राचीन वृक्षों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े कई प्राचीन बरगद और पीपल के पेड़ वर्षों से क्षेत्र की पहचान बने हुए हैं। इन पेड़ों ने न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। गर्मी के मौसम में राहगीरों और ग्रामीणों को छाया देने के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया है। लोगों का कहना है कि इन वृक्षों को ऐतिहासिक धरोहर का दर्जा देकर संरक्षित किया जाना चाहिए।
लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जिस प्रकार ऐतिहासिक इमारतों, बावड़ियों, कुओं और तालाबों के संरक्षण के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं, उसी तरह प्राचीन बरगद, पीपल और अन्य ऐतिहासिक वृक्षों को बचाने के लिए भी विशेष योजना शुरू की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई ऐसे प्राचीन पेड़ हैं जिनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना समय की जरूरत बन गया है।
स्थानीय निवासियों ने सुझाव दिया कि इन पेड़ों के चारों ओर सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) बनाई जाए और नीचे मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएं। साथ ही इन स्थलों को पर्यावरण जागरूकता और सांस्कृतिक महत्व से जोड़ते हुए संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग उठाई गई।
लोगों का कहना है कि ये प्राचीन पेड़ सदियों से क्षेत्र को स्वच्छ हवा और ऑक्सीजन प्रदान कर रहे हैं तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लगातार बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई के दौर में ऐसे ऐतिहासिक वृक्षों को बचाना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।