प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 2011 में शुरू हुआ कार्य, एक किलोमीटर हिस्सा बाकी रहने से ग्रामीण परेशान
पुरमंडल। पुरमंडल क्षेत्र में मंडल से ऐतिहासिक स्थल उत्तरवाहिनी को जोड़ने वाला मार्ग आज भी अधूरा पड़ा है। वर्ष 2011 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन 14 वर्ष बीतने के बाद भी सड़क पूरी तरह से आपस में नहीं जुड़ पाई है।
स्थानीय लोगों तारा चंद, देस राज, मदन लाल, ललित कुमार और बलकार चंद ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद उन्हें सड़क का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाया है। सड़क मार्ग का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है लेकिन करीब एक किलोमीटर का हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा है जिस कारण पूरी सड़क का उद्देश्य अधूरा रह गया है।
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क के बनने से मंडल, तालाब शमा, सदराल, जसवाल और मढ़ी खुई सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलता। इसके अलावा ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल उत्तरवाहिनी में आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होती। वर्तमान में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को कच्चे रास्तों और वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपसी विवादों और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य वर्षों से लंबित पड़ा है। अधूरा हिस्सा बरसात के मौसम में और अधिक खराब होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस मार्ग को 14 साल पहले बनाया गया था आज उस की भी हालत बहुत खस्ता हो चुकी है। बरसात में आई बाढ़ और बारिश से सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है जिसको दोबारा ठीक करने की बहुत जरूरत है
ग्रामीणों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और जिला विकास आयुक्त आयुषी सुदन से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर शेष बचे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करवाया जाए। उनका कहना है कि यदि सड़क मार्ग पूर्ण रूप से तैयार हो जाए तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आवाज उठाने को मजबूर होंगे।