आरएस पुरा। गांव गेगिया में तालाब की भूमि पर चल रहे सड़क निर्माण के कार्य को प्रशासन ने रुकवा दिया। स्थानीय निवासियों की शिकायत के आधार पर ये कार्रवाई की गई। प्रशासन ने इसे राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में तालाब की भूमि बताया है।
गांव में यह सड़क प्राचीन तालाब की भूमि पर बनाई जा रही थी। इसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। एसडीएम आरएस पुरा अनुराधा ठाकुर ने बताया कि यह निर्माण कार्य वाटर बॉडी क्षेत्र में किया जा रहा था, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने तालाबों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई है। प्रशासन को मिली शिकायत के अनुसार सड़क निर्माण के लिए जिस भूमि का उपयोग किया जा रहा था वह गांव के पुराने तालाब की भूमि है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस तालाब की भूमि काफी विस्तृत थी, लेकिन समय के साथ गांव के कुछ लोगों द्वारा इस पर कब्जा कर लिया गया। कुछ स्थानों पर तो पक्के निर्माण भी कर दिए गए हैं। अब तालाब की भूमि पर मार्ग का निर्माण गांव के एक व्यक्ति की तरफ से अपनी निजी भूमि में काटे गए प्लॉट की बिक्री के लिए किया जा रहा था। शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया और निर्माण कार्य को तुरंत रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की भूमि का संरक्षण सर्वोपरि है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी हित साधने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की सख्ती से ग्रामीणों में यह संदेश गया है कि तालाब और अन्य सार्वजनिक संसाधनों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।