गांव की बिजली काटे जाने का कर रहे थे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में सोमवार को ग्रामीणों ने तहसील परिसर पहुंचकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके गांव निकोवाल और महंता दी पट्टियां में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। इस कारण उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव की बिजली लाइन काटे जाने से पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप था कि बिना पूर्व सूचना के बिजली विभाग ने उनके गांव की सप्लाई बंद कर दी। इससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और रोजमर्रा के कामकाज पर गंभीर असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किसान कांग्रेस शैल के प्रदेश अध्यक्ष भारत प्रिय ने किया।
गांव के कई परिवारों ने बताया कि बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे। इससे बाहरी दुनिया से संपर्क प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार मंजीत सिंह को ज्ञापन सौंपा जिसमें जल्द बिजली बहाली, सिंचाई के लिए लगे पंपसेटों के बिलों में छूट, खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांगें लिखी गई थी। तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। बाद में प्रदर्शनकारी तहसील परिसर बैठ गए और जल्द बिजली बहाली की मांग करने लगे।
जानकारी के अनुसार बाद में अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच इस बात पर सहमति बनी की अगले सोमवार को गांव में एक कैंप का आयोजन होगा। इसमें बिजली कनेक्शन और पिछले बिल भुगतान को सरल तरीके से हल किया जाएगा। इसके वाद प्रदर्शनकारी वापस चले गए। इसके बाद बिजली बहाल हुई।
कोट
गांव के कई उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बकाया बिल लंबित हैं। इसके चलते नियमानुसार सप्लाई अस्थायी रूप से बंद की गई थी।
मुनीश चिब, जेई बिजली विभाग
कैप्शन 1
परगवाल में बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण