संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिला कृषि विभाग योजनाओं के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है। क्षेत्र के जागरूक किसान सरकारी योजनाओं के आधार पर खेती का कारोबार बढ़ा रहे हैं। किसानों ने सरकारी रोजगार नहीं मिलने पर खेती को रोजगार का माध्यम बनाया है। इससे वह अच्छी कमाई कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।
जिले के मलानी के युवा किसान रोहित सिंह ने कहा कि पढ़ाई करने के बाद रोजगार नही मिला तो उन्होंने पुश्तैनी कारोबार खेती को चुना। वह 10 साल से खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। कृषि विभाग की ओर से उन्हें पहले छोटे पॉली हाउस दिए गए थे। अब 22 लाख की लागत से एक पॉली हाउस मिला है। इसमें वह बेमौसमी सब्जी लगा रहे हैं। साल में 15 से 17 लाख तक कमाई कर रहे हैं। उन्होंने लोकी, करेला, खीरा, टमाटर की पनीरी लगाई है। बेमौसमी सब्जी से अच्छी कमाई कर रहे हैं। वहीं फूलों की खेती से भी उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है। प्रत्येक किसान ने अपने साथ दो अन्य लोगों को रोजगार दिया है।
जिले के पलूरा निवासी पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि पॉली हाउस में टमाटर लगाए हैं। यह तैयार होने पर बाजार में अच्छा दाम मिल जाएगा। सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्याज की अधिक पनीरी लगाई थी जो उनके खेत से ही बिक गई। सरकार की ओर से 22 लाख रुपये की लागत से पॉली हाउस भी दिया गया है जिसमें वह बेमौसमी सब्जी उगा रहे हैं।
जिले के चक लाला के किसान मुकेश ने बताया कि वह पहले सरकारी रोजगार के लिए प्रयास करते थे लेकिन अब विभाग की मदद से मशरूम की पैदावार कर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
पिछले 15 साल से खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि पहले मेरे पिता कृषि करते थे। मगर अब मैंने सारा काम खुद संभाल लिया है। दो पॉली हाउस बना कर अच्छी कमाई कर रहे हैं, अपने साथ अन्य लोगों को रोजगार दे रहे हैं।