सांबा। क्षेत्र में शनिवार रात 8:07 बजे सायरन की आवाज गूंजने लगी। इसके बाद सड़क और सभी भवनों में बिजली बंदकर पूरी तरह से ब्लैकआउट कर दिया गया। लोगों ने अपने घरों के इनवर्टर तक बंद कर दिए। लोग अपने घरों को लौट गए।
कस्बे की मंडी ठलोरा के रामलीला मैदान पर कई बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। सायरन की आवाज सुनते ही बच्चे विकेट, गेंद और बल्ला लेकर भागते नजर आए। आपातकाल जैसे हालात के बीच रात 8:20 बजे बिजली लौटने पर ही लोगों ने राहत महसूस की।
महिलाओं समेत कई लोग पहले की तरह गोलाबारी से आशंकित थे। उधर, जिला प्रशासन की ओर से जिला मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा की देखरेख में शनिवार को ऑपरेशन शील्ड के तहत नागरिक रक्षा अभ्यास किया गया। उन्होंने कहा कि व्यापक व्यायाम जिले की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं और आपदा तैयारियों के ढांचे को मजबूत करने में मददगार है।
शाम पांच बजे लड़कों के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में बहु एजेंसी ड्रिल आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जम्मू और कश्मीर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका, सामाजिक कल्याण जैसे कई विभागों और नागरिक रक्षा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
इस दौरान व्यवस्थित निकासी ड्रिल, वास्तविक समय आपातकालीन सिमुलेशन, बचाव संचालन प्रदर्शन, बहु एजेंसी समन्वय गतिविधियां और विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए तैयारियों के स्तर का व्यापक मूल्यांकन का अभ्यास किया गया। जिला-व्यापी आपातकालीन तैयारी पहल के हिस्से के रूप में पूरे समुदाय को इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभ्यास में शामिल करने के लिए मॉक ब्लैकआउट ड्रिल भी किया गया।
ड्रिल का उद्देश्य सार्वजनिक और प्रशासन दोनों की तत्परता का मूल्यांकन करते हुए ब्लैकआउट स्थितियों के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल के साथ नागरिकों को परिचित कराना है। अभ्यास ने सभी हितधारकों से असाधारण सहयोग का प्रदर्शन कर सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच सहज समन्वय का प्रदर्शन किया।
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ज्यौड़ियां के खौड़ में भी हुआ मॉक ड्रिल
ज्यौड़ियां। युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए शनिवार शाम खौड़ के न्यू बस अड्डे पर एसडीएम सतीश शर्मा की देखरेख में मॉक ड्रिल किया गया। इसके तहत क्षेत्र के लोगों को आपात स्थिति से निपटने और खुद का बचाव करने के तरीके सिखाए गए। मॉक ड्रिल में कई सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों समेत आम लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने युद्ध जैसे हालात बनने पर बचाव के तरीके सीखे। इस मौके पर थाना प्रभारी नीरज चौधरी, बीएमओ सतीश कुमार शर्मा, बिजली निगम के एईई सब डिविजन ज्यौड़ियां परषोतम लाल, तहसीलदार रंजीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद