सांबा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत दायर तलाक याचिका को याचिकाकर्ता की ओर से वापस लेने के बाद खारिज कर दिया है। यह याचिका विनोद कुमार पुत्र राज कुमार निवासी मनानू तहसील व जिला सांबा की ओर से दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित हुआ और याचिका वापस लेने के लिए आवेदन किया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता का बयान दर्ज करने के बाद आवेदन पर विचार किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने मुकदमे का स्वामी होता है और उसे किसी भी समय याचिका वापस लेने का अधिकार है। तथ्यों और बयान से संतुष्ट होते हुए न्यायालय ने धारा 13 के तहत दायर तलाक याचिका को वापस लेने के कारण खारिज कर दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार शर्मा ने आदेश पारित करते हुए मामले में किसी प्रकार की लागत न लगाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही डिग्री शीट तैयार करने और फाइल को अभिलेखागार में भेजने का आदेश जारी किया गया। यह मामला आशा देवी पत्नी विनोद कुमार, निवासी पल्ली मोड़, तहसील व जिला कठुआ के विरुद्ध दायर किया गया था।