सांबा। भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम के बाद सोमवार को दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर की बैठक को लेकर सीमावर्ती इलाकों के लोगों खासी उत्सुकता देखी गई। दिनभर लोग बैठक का नतीजा जानने के लिए फोन और टीवी पर नज़रें टिकाए बैठे रहे।
सीमावर्ती गांव के एक चौक पर बरगद के पेड़ के नीचे बैठे बुजुर्ग रतनचंद, सांझीराम, पृथीपाल सिंह, बोधराज, दीवानचंद और रामदास ने कहा कि संघर्ष विराम के बाद दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की बैठक पर बहुत कुछ निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि वो यह जानना चाहते हैं कि पाकिस्तान का भ्रम टूटा है या नहीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर अपना रवैया नहीं सुधारता है तो भारतीय सेना अपनी कार्रवाई जारी रख पाकिस्तान को इस बार हमेशा के लिए सबक सिखा दे। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से बार-बार पलायन करने का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर जब भी भरोसा किया गया उसने धोखा ही दिया है। लोगों ने कहा कि दोनों देशों के बीच अगर सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है तो भारत इस बार अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए इस मसले का स्थायी हल करे।