अरनिया। बॉर्डर संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य यशपाल सैनी ने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती गांव काकू दे कोठे, पिंडी चाड़कां कलां और तरेबा में वॉलीबॉल को प्राथमिक खेल के रूप में विकसित करने की जोरदार मांग की है।
सैनी ने कहा कि दशकों से ये गांव वॉलीबॉल के लिए मशहूर रहे हैं और क्षेत्र के कई युवा स्टेट स्तर तक अपना प्रदर्शन दे चुके हैं। उनके मुताबिक़ कई खिलाड़ी अपने खेल के दम पर सरकारी नौकरियां भी हासिल कर चुके हैं। इसलिए युवा रुचि वाले खेल में ज्यादा निखर कर सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज के तहत प्रत्येक गांव को मिलने वाले प्रस्तावित 5 करोड़ में से खेल प्रतियोगिताओं और सुविधाओं पर पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। सैनी ने हर गांव में समर्पित वॉलीबॉल मैदान बनाने का सुझाव दिया। इसमें आउटडोर के साथ-साथ आपदा के समय उपयोग के लिए इंडोर सुविधाएं भी शामिल हों। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई कर बजट में पुनर्वितरण की अपील की।