आदर्श गांव पल्ली का किसान खिदमत सेंटर डेढ़ साल से बंद
किसान आवेदन के लिए दूसरी जगह जा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। बाड़ी ब्राह्मणा ब्लॉक के आदर्श गावं पल्ली का किसान खिदमत सेंटर पिछले डेढ़ साल से बंद है। गांव के किसान कृषि योजनाओं से संबंधित सेवाओं के लिए दूसरी जगह जा रहे हैं। सेंटर बंद होने के कारण किसान आधुनिक कृषि योजनाओं को लेकर अपडेट नहीं हैं। मुख्य कृषि अधिकारी सांबा से शिकायत के बावजूद सेंटर नहीं खुल रहा है।
खिदमत सेंटर तीन पंचायतों पर एक स्थापित किया गया है। इसको खोलने का उदेश्य देहात में युवाओं को रोजगार देना और किसानों को कृषि से संबंधित जानकारी मुहैया कराना है। सेंटर के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2022 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर पल्ली गांव को गोद लिया था। इसके साथ ही पल्ली को देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत घोषित किया था। प्रधानमंत्री ने यहां प्राकृतिक और रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास करने और किसानों को हर सुविधा मुहैया करने का वादा किया है।
सेंटर बंद रहने से किसानों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। छोटे से कार्य के लिए शहर का रुख करना पड़ रहा है। इससे समय की बर्बादी और खर्च बढ़ गया है।
- किसान मदन लाल
डेढ़ साल से बंद सेंटर कृषि विभाग की सरासर लापरवाही है। कृषि विभाग किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। विभाग के उच्च अधिकारियों को जल्द सेंटर को बहाल करना चाहिए।
- किसान राकेश कुमार
कोट
किसान खिदमत केंद्रों के रिव्यू के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जिला कृषि अधिकारी और नोडल ऑफिसर को शामिल किया गया है। जल्द ही बिना किसी कारण बंद पड़े कृषि खिदमत सेंटरों को दोबारा शुरू किया जाएगा।
- रोहित गंडोत्रा, उपमंडल कृषि अधिकारी