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Jammu News: अरनिया को लाल पर नाज, सुनील अमर रहें...

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जम्मू। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी में बलिदान हुए बीएसएफ के राइफलमैन सुनील कुमार (25) को रविवार को सैकड़ों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। सुनील कुमार अमर रहे के नारों से पूरा अरनिया बॉर्डर गूंज उठा। हर नागरिक के दिल में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश नजर आया। लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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कुमार आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में शनिवार को बलिदान हुए थे। अरनिया सेक्टर के तरेवा गांव के रहने वाले सुनील सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते थे। उनके दो बड़े भाई भी सेना में हैं, जबकि पिता पूर्व सैन्यकर्मी हैं। गांव वाले बताते हैं कि सुनील बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित थे। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत के हमले के बाद से तरेवा गांव के अधिकांश घरों को खाली करा लिया गया था, क्योंकि यह गांव अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है। लेकिन रविवार को सुनील कुमार का तिरंगे में लिपटा शव जब सेना के सुसज्जित वाहन में गांव पहुंचा तो उन्हें विदाई देने गांव वाले उमड़ पड़े। जब उनके पिता समेत परिवार के लोगों को उनके अंतिम दर्शन के लिए कहा गया तो किसी भी आंख से आंसू थम नहीं रहे थे और पूरा गांव गमजदा हो गया। गांव की पूर्व सरपंच बलबीर कौर ने कहा, पूरा गांव शोक मना रहा है क्योंकि हमने इस सीमावर्ती गांव का अपना एक सपूत खोया है जिसने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। कुमार बेहद अच्छे स्वभाव वाले युवक थे और जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकते थे। दुख की घड़ी में पूरा गांव उनके परिवार के साथ है।
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युवाओं ने निकाली तिरंगा रैली, पुरमंडल में अंतिम संस्कार
राइफलमैन सुनील कुमार का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। अंतिम रस्में पूरी करने के बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पुरमंडल ले जाया गया। सैन्य वाहन के आगे युवाओं ने तिरंगा रैली निकाली। बलिदानी सुनील कुमार को गार्ड आफ ऑनर देने के बाद सेना के जवानों ने सलामी दी। इसके बाद राइफलमैन सुनील कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुनील कुमार के बचपन के दोस्त अमित कुमार ने बताया कि बॉर्डर पर माहौल काफी तनावपूर्ण है, लेकिन भारतीय सेना ने ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठान ली है। सुनील जिंदादिल दोस्ती की मिसाल था। बलिदानी राइफलमैन सुनील कुमार के मामा जितेंद्र कुमार सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि भांजे की शहादत पर गर्व है। पाकिस्तान की नापाक हरकतों से कितने जवान वीरगति को प्राप्त होते है, जिसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस बार कड़ा सबक सिखाना जाए।
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