ज्यौड़ियां। जोगवां क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को अगर जोगवां पीएचसी में समय रहते उपचार मिल जाता तो दोनों की जान बच सकती थी। हादसे में जान गंवाने वाले राज कुमार निवासी कमदीनी का वीरवार शाम गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान लोगों में रोष साफ दिखाई दे रहा था।
पूर्व पंच अनिल कुमार ने बताया कि जब इन दोनों घायलों को पीएचसी जोगवां ले जाया गया तो दोनों की सांसें अच्छी तरह से चल रही थीं। पीएचसी जोगवां में सुविधाएं नहीं होने के चलते इलाज नहीं मिला। इस पर दोनों घायलों को लगभग बीस किलोमीटर दूर खौड़ उपजिला अस्पताल में ले जाया गया। यहां दोनों घायलों की हालत और अधिक बिगड़ गई। इससे उनकी मौत हो गई।
लोगों ने कहा कि अगर पीएचसी जोगवां में सुविधाएं नहीं देनी है तो क्यों अस्पताल खोला गया। लोगों ने बताया कि यह दूरदराज़ का पहाड़ी क्षेत्र है। सरकार लोगों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए। बता दें कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले राज कुमार का आज अंतिम संस्कार कर दिया गया जबकि जगन्नाथ शर्मा का बेटा सेना में है और उसके घर पहुंचने पर उसका अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।