कठुआ। गोविंदसर स्थित गोदरेज इकाई को बंद किए जाने और वहां कार्यरत 110 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। इकाई के मुख्यद्वार के बाहर रोजाना एकत्र हो रहे कर्मचारी प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए जमकर रोष जता रहे हैं।
सोमवार को भीषण गर्मी के बीच खुले आसमान के नीचे जारी धरना प्रदर्शन के दौरान दो कर्मचारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उनके साथियों ने तुरंत उन्हें जीएमसी कठुआ पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल पहुंचाए गए कर्मचारियों की पहचान रवि कांत और चंदन के रूप में हुई है।
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अपने साथियों के बीमार होने के बाद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है। प्रदर्शन में शामिल अमरीक सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की सेवाएं अचानक समाप्त कर उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया गया है जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के कारण सोमवार को उनके दो साथी बेहोश हो गए थे हालांकि अब उनकी हालत नियंत्रण में है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रबंधन का रवैया इसी प्रकार बना रहा तो आने वाले दो दिनों में कर्मचारी भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसमें नौकरी से निकाले गए सभी 110 कर्मचारियों के परिवार भी शामिल होंगे।
सुरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि कर्मचारी पिछले तीन दिनों से इकाई के गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं लेकिन अब तक प्रबंधन का कोई भी अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि इकाई घाटे में गई है तो इसके लिए प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार है क्योंकि उत्पादन को जानबूझकर कम किया गया और घाटा दिखाकर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इससे 110 परिवारों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।