जम्मू। प्रदेश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं हजारों लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में जान गंवाने वालों से ज्यादा लोग घायल हो जाते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और हादसों के ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के लिए परिवहन विभाग सड़क दुर्घटना डाटाबेस (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) आईआरएडी तैयार करेगी। डाटाबेस को केंद्र सरकार से साथ सांझा किया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए परिवहन आयुक्त को स्टेट नोडल अधिकारी, जबकि आरटीओ कश्मीर और जम्मू को अपने-अपने संभाग के सभी जिलों का नोडल अधिकारी नियुुक्त किया है।
केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना डाटाबेस (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) प्रोजेक्ट देश के सात राज्यों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चला रही है, जो सर्वाधिक दुर्घटना वाले प्रदेश हैं। इसके बाद इसे जम्मू-कश्मीर में लागू किया जाएगा। प्रोजेक्ट के लागू होने से पहले परिवहन विभाग सड़क दुर्घटना डाटाबेस तैयार करेगा, जिसमें हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा।