जम्मू विश्वविद्यालय में पहली बार पुरातन छात्र परिषद (एल्युमनाई एसोसिएशन) का गठन किया गया है। यह विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले गरीब मेधावी छात्रों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी। इसके साथ ही शुक्रवार से ग्लोबल मेंटरशिप प्रोग्राम भी परिषद की देखरेख में शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय से निकले ऐसे छात्रों की ओर से बच्चों को ऑनलाइन ही दिशा-निर्देश देना है, जिससे वे रोजगार की संभावनाओं के बारे में जान सकेंगे। यह जानकारी जम्मू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. उमेश राय ने अमर उजाला से बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का पंजीकरण करा लिया गया है। फिलहाल 150 सदस्य भी बन गए हैं। नियमों के तहत छात्र कल्याण अधिष्ठाता इसके अध्यक्ष होंगे। एक एसोसिएट अधिष्ठाता सचिव और एक अन्य कोषाध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही तीन नामित सदस्य होंगे। इस बार अजय बाली, प्रशासनिक अधिकारी इंदु कंवल चिब और नाबार्ड के जीएम मनोहर लाल को नामित किया गया है।
कार्यकारिणी के तीन सदस्यों, उपाध्यक्ष, प्रचार सचिव और संयुक्त सचिव के चुनाव होंगे जिसे अक्तूबर तक करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का मकसद विश्वविद्यालय से निकले छात्रों को जोड़ना है। इसके लिए सदस्यता शुल्क के साथ ही चंदा भी लिया जाएगा। सदस्यता शुल्क से एसोसिएशन की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी जबकि चंदे की राशि गरीब मेधावियों के पढ़ाई पर खर्च की जाएगी।
पुरातन छात्रों को अपनी मिट्टी से जोड़ना ही मकसद
ग्लोबल मेंटरशिप प्रोग्राम का शुक्रवार से आगाज होगा। पहले दिन न्यूजीलैंड से डॉ. फोतेदार पर्यावरण विज्ञान के छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से परामर्श देंगी। संवाद के लिए पूरी शृंखला तैयार की जा रही है जिसमें इंग्लैंड, अमेरिका, न्यूजीलैंड समेत अन्य देशों में विश्वविद्यालय से निकले छात्रों को जोड़ा जाएगा। एसोसिएशन गठन का मकसद विश्वविद्यालय से निकले छात्रों को अपनी मिट्टी से जोड़ना है। इसका फायदा यह होगा कि यहां के छात्रों को रोजगार के साथ ही उच्च शिक्षा में भी मदद हासिल हो सकेगी।
- प्रो. प्रकाश चंद अंथाल, अध्यक्ष-पुरातन छात्र परिषद