जम्मू। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य सेहत योजना के तहत निजी अस्पतालों में मरीजों को चिकित्सा सेवाएं जारी हैं। हालांकि देनदारी के भुगतान को लेकर कुछ खास नहीं हो पाया है। निजी अस्पतालों की करीब 500 करोड़ रुपये की देनदारी प्रदेश सरकार पर है, जिसमें हाल ही में सिर्फ 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। निजी अस्पताल प्रबंधनों ने लंबित देनदारी शीघ्र जारी करने की मांग की है।
योजना के तहत नई व्यवस्था में अब अपैंडिक्स, गाल ब्लैडर, बवासीर और फिशर की सर्जरी सरकारी अस्पतालों में ही की जा रही हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों का लोड बढ़ जाने से सर्जरी के लिए महीनों की लंबी तिथि मिल रही है। जबकि पहले निजी अस्पतालों में ऐसी सर्जरी का प्रावधान होने से बड़ी संख्या में मरीजों को सुविधा मिल रही थी।
जम्मू कश्मीर प्राइवेट हास्पिटल्स और डायलिसिस सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप मैंगी ने कहा कि सेहत योजना के तहत मरीजों को निजी अस्पतालों में सभी चिकित्सा सेवाएं दी जा रही हैं। सरकार ने हाल ही में 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की, जिसमें 35 करोड़ सरकारी अस्पतालों और बाकी निजी अस्पतालों को दिया गया है। लेकिन अभी भी निजी अस्पतालों को एक बड़ी राशि का भुगतान करना बाकी है। निजी अस्पतालों के लिए बजट आवंटन का विस्तार करके उसे 800 करोड़ रुपये तक किया जाए। वर्तमान में किसी भी बीमा कंपनी के आगे नहीं आने से सरकार सेहत योजना का खर्च उठा रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अधीन 150 से अधिक निजी अस्पताल पंजीकृत हैं।