जम्मू। प्रदेश के कर्मचारियों ने अपनी आठ प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। कर्मचारी काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन की शुरुआत करेंगे। मांगें पूरी न हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। संघर्ष की शुरुआत 17 जून से होगी। कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। विरोध प्रदर्शन के रूप में सभी विभागों के लिपिकीय और क्षेत्रीय कर्मचारी अपनी ड्यूटी करते हुए काली पट्टियां पहनेंगे।
कर्मचारियों ने जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) का समय पर भुगतान, सेवानिवृत्ति लाभ जारी करना, पुरानी पेंशन योजना को लागू करना, एसआरओ-43 में संशोधन, दो प्रतिशत हाउस रेंट का प्रावधान, मेडिकल भत्ता, 60 हजार से अधिक दिहाड़ी मजदूर और उचित मूल्य की दुकानों को नियमित करना जैसी लंबित और जायज मांगों पर विरोध का फैसला किया है। संयुक्त सलाहकार समिति (ईजेसीसी) के अनुसार जनरल काउंसिल की बैठक में रणनीति बनाई गई है। यह बैठक एजाज अहमद खान की अध्यक्षता में हुई है और इसमें सभी विभागों के कर्मचारी यूनियनों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के रणनीतिकारों में जावेद अहमद अखून (उच्च शिक्षा विभाग), मोहम्मद शफी राथर और सलीम सागर (स्कूल शिक्षा विभाग), मुनीर फल्गारू और शहनाज़ अहंगर (खाद्य विभाग), रहमतुल्लाह खान (भूविज्ञान और खनन विभाग), गुलाम मुस्तफा खान (पीएचई विभाग), फारूक अहमद कावा (वन विभाग), मकसूद अहमद (रेशम विभाग), अब्दुल हमीद खांडे (पीडीडी विभाग) शामिल थे।