श्रीनगर/जम्मू। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के चेयरमैन गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया है। इसमें राज्य, प्रांतीय, जोनल, जिला और ब्लॉक स्तर की समितियां शामिल हैं। इस फैसले में मुख्य प्रवक्ता और अन्य प्रवक्ताओं को भी शामिल किया गया है। पार्टी ने घोषणा की है कि इन समितियों का पुनर्गठन समय के साथ किया जाएगा। डीपीएपी में अचानक इस बड़े बदलाव को कई बिंदुओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
आजाद के सचिव बशीर आरिफ की ओर से जारी एक आदेश में बताया गया है कि इकाइयों को चेयरमैन की मंजूरी के बाद भंग किया गया है। 26 अगस्त 2022 को पचास साल से कांग्रेस में रहे आजाद ने पार्टी से इस्तीफा दिया था। इसी साल 26 सितंबर को जम्मू में आजाद ने अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी की घोषणा की थी। तब प्रदेश कांग्रेस से कई वरिष्ठ नेता डीपीएपी में आजाद के साथ आए थे। लेकिन पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई। दोनों ही चुनाव में डीपीएपी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। इन चुनावों के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने निर्दलीय या दूसरे दलों में जाकर चुनाव लड़ा। लेकिन अचानक सभी इकाइयां भंग कर देने से पार्टी के बीच हलचल बढ़ गई है। ऐसी भी चर्चा है कि आजाद अन्य किसी दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
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हम आजाद के साथ-चिब
डीपीएपी के महासचिव व पूर्व मंत्री आरएस चिब का कहना है कि उन्हें इकाइयां भंग करने के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है। इस बारे में आजाद ने उनसे कोई बात नहीं की है। कहा, मेरी तीन दिन पहले ही आजाद से बात हुई थी, उन्होंने कहा था कि वह एक हफ्ते में जम्मू आ रहे हैं और बाद में श्रीनगर जाएंगे। पार्टी में पदाधिकारियों को बदलना और भंग करना अलग बात है। आजाद जो भी फैसला लेंगे, हम उनके साथ हैं।