जम्मू। सीमावर्ती लोग कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। लोगों की सीमा पार और बाड़ लगाने में उपयोग हुई भूमि के मुआवजे से लेकर कई समस्याएं हैं।
सरकार इन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए फिक्रमंद है। अप्रैल में बजट सत्र खत्म होने बाद इन क्षेत्रों के विधायकों के साथ बैठक कर व्यापक नीति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह बातें विधानसभा में भाजपा विधायक विजय कुमार, सुरजीत सिंह सलाथिया, देविंदर कुमार मन्याल और सीपीआईएम सदस्य एमवाई तारिगामी सहित कई अन्य सदस्यों के सवाल पर कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुआवजे के तौर पर 155.08 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसमें से 144 करोड़ रुपए उन किसानों को वितरित किया है, जिनकी भूमि अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर बाड़ लगाने से प्रभावित हुई थी। सिर्फ 11 करोड़ रुपए वितरित किया जाना बाकी है। इस दौरान तारिगामी और भाजपा विधायक बलवंत मनकोटिया में नोकझोंक हुई। मनकोटिया ने आरोप लगाया कि तारिगामी के निर्वाचन क्षेत्र में कोई सीमा क्षेत्र नहीं है। इस पर तारिगामी ने कहा कि वह किसी भी क्षेत्र के बारे में सवाल उठा सकते हैं और जम्मू केवल उनका नहीं है।