जम्मू। प्रदेश भर में 4200 से ज्यादा पंचायतों में सहकारी समितियों का गठन होगा। मौजूदा समय में 527 के करीब समितियां कार्यरत हैं। ऐसी पंचायतें जहां पर समितियां निषि्क्रय हो चुकी है, वहां नई बनाई जाएंगी।
इस पर सहकारिता विभाग ने इस पर काम करना आरंभ कर दिया है। इससे पंचायत स्तर पर कामकाज में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा समितियों के गठन के बाद डेयरी, बागवानी, कृषि, पशुपालन समितियों का गठन भी होगा। इससे किसान, बागवान और पशुपालक व्यवसाय को बढ़ा सकेंगे।
विभाग के अनुसार समितियों के गठन के बाद लोग समिति से जुड़ सकेंगे। यहां पर पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा रहेगी। समितियां समय-समय पर लोन की सुविधा भी देंगी। इससे लोगों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। समितियों के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ भी लोगों को मिलेंगे। पंचायत स्तर पर गठन के बाद लोग इसमें अपनी सदस्यता लेंगे और समितियों से जुड़ेंगे।
क्या है सहकारी समिति
सहकारी समिति लोगों का ऐसा संघ है। जो अपने पारस्परिक लाभ (सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक) के लिए स्वेच्छापूर्वक सहयोग करते हैं। समिति के माध्यम से अपने व्यवसाय को बढ़ाते हैं और आर्थिकी को सुदृढ़ करते हैं।
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इतने प्रकार की होती हैं समितियां
सहकारी समितियाें में सहकारी समितियां, उत्पादक सहकारी समितियां, विपणन सहकारी समितियां, किसान सहकारी समितियां, ऋण सहकारी समितियां शामिल हैं।
कोट
पंचायत स्तर समितियों का गठन किया जाएगा। निषि्क्रय समितियों की जगह नई बनाई जाएंगी। डेयरी, पशुपालन, कृषि से संबंधित लोग जुड़ सकेंगे।
- बबिला रकवाल, प्रशासनिक सचिव, सहकारिता विभाग