जम्मू। जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस इंटर्नशिप करने वाले जूनियर डॉक्टरों का भत्ता (स्टाइपेंड) अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश सरकार जूनियर डाॅक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) को प्रतिमाह 12,410 रुपये स्टाइपेंड दे रही है, जबकि हरियाणा व दिल्ली में दोगुना है। इससे एमबीबीएस करने की चाहत रखने वाले छात्र अन्य राज्यों को प्राथमिकता देते हैं।
जम्मू-कश्मीर में पहले ही डॉक्टरों की कमी चल रही है। इंटर्न डॉक्टर सरकार से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने हाल ही में विदेशी एमबीबीएस स्नातकों को 12,300 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने का निर्णय किया था। इससे भी स्थानीय एमबीबीएस स्नातकों में रोष है। इंटर्न वन नेशन, वन स्टाइपेंड की नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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तीन-तीन महीने में मिल पाता है स्टाइपेंड
राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू, श्रीनगर, स्किम्स सौरा सहित अन्य बड़े मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में इंटर्न की भूमिका काफी अहम रहती है। इनकी ड्यूटी अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर वार्ड में होती है। एक जूनियर डॉक्टर को 24 घंटे तक भी काम करना पड़ता है। जीएमसी जम्मू से हर साल 180 से 200 छात्र एमबीबीएस इंटर्नशिप करते हैं। प्रदेश में इनकी संख्या 1500 तक हो जाती है। जीएमसी जम्मू में एक इंटर्न ने बताया कि स्टाइपेंड तो कम है ही, समय पर मिलता भी नहीं। तीन-तीन महीने में स्टाइपेंड मिल पाता है। ऐसे में काम करना मुश्किल हो जाता है।
सरकार दे ध्यान
अंडर ग्रेजुएट (यूजी) को स्टाइपेंड कम मिलता ही है, लेकिन पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) वालों को भी देश के अन्य राज्यों की तुलना में पैसा कम मिल रहा है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
- डॉ. शुभम सुरमाल, अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन जम्मू
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कहां-कितना स्टाइपेंड(प्रतिमाह)
दिल्ली 26 हजार रुपये
हरियाणा 24 हजार
हिमाचल प्रदेश 17 हजार
जम्मू-कश्मीर 12,410 रुपये