जम्मू। दस से ज्यादा मामलों में आरोपी पंकज सिंह को पेशी के लिए जिला न्यायालय में लेकर आई बिश्नाह थाने की पुलिस को वकीलों के विरोध का सामना करना पड़ा। नौबत यहां तक आई कि गुस्साए वकीलों से विवाद न हो इसलिए सब इंस्पेक्टर करीब छह घंटे कोर्ट रूम में ही बैठे रहे। आरोपी पंकज सिंह अधिवक्ता गौरव सिंह के भाई हैं। वकीलों का आरोप था कि बिश्नाह पुलिस ने पंकज को फर्जी मामले में गिरफ्तार कर मारपीट की है।
बिश्नाह निवासी वकील गौतम सिंह का आरोप है कि उसके बड़े भाई पंकज सिंह 25 जनवरी को शादी का कार्ड देने डब्बर गांव में अपने सुसराल गए थे। जहां किसी बात को लेकर उसकी ससुराल पक्ष के साथ कहासुनी हो गई। इस पर ससुराल पक्ष ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने पंकज को हिरासत में लेकर मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं । गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रिंग रोड पर ले जाकर पंकज की कार में तोड़-फोड़ की व एनकाउंटर करने की धमकी भी दी। बाद में पुलिस ने नशा तस्करी का झूठा केस लगाकर एफआईआर तक दर्ज की और अगले दिन उसे मुंसिफ कोट बिश्नाह में पेश किया, जहां उसे तीन दिन की न्यायिक हिरासत भेज दिया। गौतम का आरोप है कि भाई को पुलिस थाने में रखकर मारपीट की गई।
विवाद बुधवार को बढ़ा जब बिश्नाह पुलिस आरोपी की रिमांड बढ़ाने लिए एनडीपीएस कोर्ट जम्मू लाई थी। बिश्नाह थाने में तैनात एसआई जाहिद आरोपी के साथ आए थे। इसकी सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में वकील एनडीपीएस कोर्ट के बाहर पहुंचे और विरोध करने लगे। वकीलों के बढ़ते विरोध के कारण सब इंस्पेक्टर शाम करीब 5:30 बजे तक कोर्ट रूम से बाहर ही नहीं आ पाए।
मामले में बिश्नाह थाने के एसएचओ सुशील चौधरी ने कहा कि आरोपी पंकज सिंह आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ दस से अधिक मामले दर्ज हैं। वह कई साल जेल में सजा भी काट चुका है। आरोपी का छोटा भाई वकील है, जिसकी कुछ ही दिनों बाद शादी है। आरोपी शादी में शामिल हो सके, इसलिए पुलिस के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। सब इंस्पेक्टर जाहिद को कोर्ट से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
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बार एसोसिएशन किसी भी आरोपी या अपराधी के पक्ष में नहीं है। आरोपी का भाई वकील है, लेकिन बार एसोसिएशन का सदस्य नहीं है। बार एसोसिएशन का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। इस मामले में न्यायालय अपने हिसाब से काम करेगा
-निर्मल कोतवाल, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन
आरोपी पंकज सिंह को पत्नी की शिकायत पर हिरासत में लिया गया था। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। आरोपी की रिमांड बढ़ाने के लिए आज न्यायालय लाया गया था। हिरासत में लेने के दौरान उसे कुछ चोटें लगी थीं। आरोपी का भाई वकील है, इसलिए उसने कुछ वकीलों के साथ मिलकर इस बात को मुद्दा बनाया।
-जोगिंद्र सिंह, एसएसपी जम्मू