जम्मू। हाईकोर्ट और तमाम जिला अदालतों में ई सेवा केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों में अस्थायी रूप से एक ऑपरेटर तैनात किया जाएगा। जिनका काम वकीलों और वादियों को हर तरह की जानकारी देना मुख्य रूप से शामिल होगा।
हाईकोर्ट की तरफ से भी समय समय पर इन्हें अन्य कार्य दिए जा सकते हैं। नववर्ष में ये केंद्र शुरू हो जाएंगे। इससे हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में आने वाले लोगों को सूचनाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने 29 अस्थायी कर्मियों को नियुक्त करने का फैसला लिया है। इनकी सेवाएं जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक ली जाएंगी। एक साल का अस्थायी कार्यकाल होगा। किसी भी निजी कंपनी से इनकी सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए 55 लाख रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है। हाईकोर्ट की जम्मू और श्रीनगर विंग में खोले जाने वाले ई सेवा केंद्र में प्रत्येक में 3 आपरेटर होंगे, जबकि प्रदेश के बाकी जिला अदालताें में एक आपरेटर प्रत्येक जिले में रहेगा। इन आपरेटरों को कंप्यूटर का पूरा ज्ञान होगा। जो वकीलों, वादियों को जानकारी देंगे। इनका सहयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए भी लिया जाएगा। इन सेवा केंद्रों में काम करने वालों की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल शहजाद अजीम का कहना है कि इन केंद्रों में काम करने वाले लोग पूरी तरह से अनुशासित होंगे। वे एक सरकारी कर्मी की तरह काम करेंगे। जिन्हें सरकारी कर्मियों की तरह ही अनुशासन का ध्यान रखना होगा। लागू मानदंडों के अनुसार स्वीकार्य उचित छुट्टी के अलावा अनुपस्थित नहीं रहेंगे। यदि किसी विशेष कर्मचारी द्वारा कर्त्तव्यों में कोई निरंतर लापरवाही बरती जाती है, तो आउटसोर्स एजेंसी संबंधित सक्षम प्राधिकारी से अनुरोध प्राप्त करने के एक सप्ताह के भीतर उसका स्थानापन्न उपलब्ध कराएगी। आउटसोर्सिंग एजेंसी को साफ-सुथरे और स्पष्ट पूर्ववृत्त वाले कर्मचारी उपलब्ध कराने होंगे और उनका किसी विध्वंसक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए। इस उद्देश्य के लिए आउटसोर्स एजेंसी को कर्मचारियों का चरित्र रजिस्टर बनाए रखना होगा।