जम्मू। आपने सुबह से कुछ खाया, निहारी खाई या नहीं। क्या खाने में मिला तो सामने से जवाब आया फुल्के (रोटी)। पाकिस्तान के ड्रोन अटैक के बाद सीमावर्ती इलाकों से जम्मू के राहत शिविर में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जमीन पर बैठ जख्मों पर मरहम लगा रहे थे। मुख्यमंत्री इस दौरान बच्चों की शिक्षा की चिंता करते भी नजर आए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लॉ की पढ़ाई कर रही एक बेटी को दूसरे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए राजी कर लिया।
इस बीच एक बच्चा क्रिकेट के लिए बल्ले और गेंद को मांगने मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंत्री को निर्देश देकर दोनों उपलब्ध करवा दिए और बच्चे के साथ कुछ देर क्रिकेट भी खेली। भरपूर टेंशन के बीच मुख्यमंत्री का यह अंदाज शिविर में मौजूद लोगों को बड़ा सुकून दे गया है। राज्य सरकार राहत शिविर में तीन वक्त का भोजन उपलब्ध करवा रही है। इसके अलावा यहां परिवारों को बेफिक्र माहौल देने के भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
वीरवार रात को जम्मू पर पाकिस्तान के हवाई हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जमीन पर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सुबह ही जम्मू पहुंच गए थे और दिन भर अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्याें का जायजा लेते रहे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सबसे पहले जीएमसी जम्मू पहुंचकर यहां पुंछ से घायल होकर पहुंचे लोगों का हाल जाना।
उन्होंने घायलों के जल्द स्वास्थ्य होने की प्रार्थना की। इसके बाद मुख्यमंत्री जम्मू में प्रभावितों के राहत शिविर पहुंचे और उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे लोगों को भरोसा दिलाया कि मौजूदा समय में सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बिना किसी देरी के आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाएं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देर शाम को जम्मू में सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से बातचीत की है। इस मौके पर सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने मौजूदा हालात से निपटने के लिए साझे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास जारी रहने चाहिए।