जम्मू। यूटी में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का विस्तार करते हुए अब इसमें मौसम आधारित कवरेज को भी शामिल किया गया है। कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास मंत्री जावेद अहमद डार ने बताया कि जलवायु जोखिम कवरेज को बढ़ाने के लिए जम्मू कश्मीर में 2025-26 में पुनर्गठित मौसम-आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) लागू की जा रही है। योजना का विस्तार होने से सेब, केसर, आम और लीची को भी कवर किया जाएगा। इसके अलावा बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना लागू की जा रही है। विधानसभा में अनुदान मांगों के जवाब में मंत्री ने यह जानकारी दी।
कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, सहकारिता, चुनाव विभागों के अनुदान पारित
जम्मू। विधानसभा में वीरवार को विभिन्न विभागों के लिए अनुदान मांगों को पारित किया गया। इसमें कृषि उत्पादन विभाग के लिए 258369.98 लाख रुपये, पशु एवं भेड़ पालन विभाग के लिए 122899.58 लाख रुपये, मत्स्य पालन विभाग के लिए 22524.86 लाख रुपये, ग्रामीण विकास विभाग के लिए 475485.95 लाख रुपये, बागवानी विभाग के लिए 70429.33 लाख रुपये, चुनाव विभाग के लिए 35960.43 लाख रुपये और सहकारिता विभाग के लिए 9642.4 लाख रुपये रखे गए हैं।
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17 और फसलों की जीआई टैगिंग होगी
मंत्री ने बताया कि 2025-26 के दौरान 17 और फसलों के लिए जीआई टैगिंग की प्रक्रिया की जाएगी। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के सात विख्यात कृषि उत्पादों को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया गया है, जो उनकी प्रामाणिकता, विरासत और बाजार मूल्य को पुष्ट करता है। इनमें केसर, बासमती, भद्रवाह राजमा, मुश्कबुद्जी चावल, उधमपुर कलाड़ी, रामबन सुलाई शहद और रामबन का अनारदाना शामिल हैं।
अगले पांच साल में कृषि क्षेत्र में बदलाव की तैयारी
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलाव और सुधार के लिए सरकार अगले पांच वर्षों में राज्य सकल भौगोलिक उत्पाद में इसके योगदान को 37,559 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये करेगी। इसमें 18000 उद्यम, 2.8 लाख रोजगार और 2.5 लाख कुशल किसान/कृषि उद्यमी तैयार करने की क्षमता होगी। नए वित्त वर्ष में बागों की उत्पादकता को बढ़ावा देने, फलों की गुणवत्ता में सुधार और किसानों की आय को बढ़ाने 70 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन किया जाएगा। आगामी जून तक 900 टेक्सेल और डॉर्पर भेड़ें आयात की जाएंगी।
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चार नई कृषि मंडियां स्थापित होंगी
मंत्री ने बताया कि जिला सांबा, रियासी, किश्तवाड़ और बांदीपोरा में चार नई कृषि मंडियां स्थापित की जाएंगी। इन मंडियों को जम्मू-कश्मीर की उपज की वैश्विक स्थिति के लिए एक समर्पित मार्केट इंटेलिजेंस सेल और कृषि ब्रांडिंग केंद्रों द्वारा समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा सोपोर, शोपियां, नरवाल, जबलीपोरा और परिमपोरा जैसी पांच बड़ी मंडियों में बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नाबार्ड के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नए वित्त वर्ष में 377 करोड़ रुपये का पूंजी आवंटन की जाएगी।
प्रदेश में 500 नए पंचायत घरों का निर्माण होगा
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वित्त वर्ष 2025-26 में 500 नए पंचायत घरों का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) - पीएमएवाई 2.0 योजना के तहत ग्रामीण गरीबों को आवास सुरक्षा प्रदान करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण मार्च 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा। अब तक सभी 20 जिलों में 3.36 लाख से अधिक लाभार्थियों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 3,13,567 कार्यों की पहचान की गई है। इसमें 187.38 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रस्तावित लक्ष्य के रूप में 80,000 नए पीएमएवाई (जी) कार्य शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) के तहत लखपति दीदी पहल में 1.63 लाख संभावित लखपति परिवारों की पहचान की गई है। हिमायत (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना) के तहत नए वित्त वर्ष में 9084 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने और 3011 उम्मीदवारों को विभिन्न नौकरियों में नियुक्ति सुनिश्चित करने की योजना है।
12 मिनी सुपर बाजार बनाए जाएंगे
मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 14 मिनी सुपर बाजार बनाए जा रहे हैं और अगले वित्त वर्ष के दौरान पूरे जम्मू-कश्मीर में लगभग 12 मिनी सुपर बाजार बनाए जाएंगे। मंत्री डार ने कहा कि कृषि व हार्टिकल्चर विभाग में एक दूसरे की टांग खींचने की बीमारी लगी है। अधिकारियों और कर्मचारियों के सैकड़ों मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। हम विभाग में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं।