जम्मू। सत्तापक्ष ने जहां बजट को सराहा है, वहीं भाजपा बजट को केंद्र सरकार की नीतियों पर मुहर बता रही है। सत्तापक्ष का कहना है कि बजट संतुलित और दूर दृष्टिकोण वाला है। वहीं, कांग्रेस ने बजट को सकारात्मक बताया है। हालांकि कांग्रेस का यह भी कहना है कि इसमें दैनिक वेतनभोगियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मुद्दों को भी शामिल किया जाना चाहिए था।
बारामुला से नेकां विधायक जावेद हुसैन बेग ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा, बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। लोगों को सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं, जिनको पूरा करने की तरफ सरकार का यह पहल कदम है। रामबन से सत्तापक्ष के विधायक अर्जुन सिंह राजू ने कहा कि बजट मेें उम्मीद की किरण है, जो सुनिश्चित करता है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास में पीछे न छूटे। भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज और बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि बजट में केंद्र की नीतियों का जिक्र ज्यादा है।
सत्तापक्ष के विधायक तनवीर सादिक ने कहा, भारी घाटे के बावजूद ऐसा बजट पेश करना ऐतिहासिक है। कठिन हालत का सामना करने के बावजूद यह एक अच्छी शुरुआत है। लोगों से किए गए सभी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। नेकां विधायक फारूक शाह ने कहा, बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। महिला सशक्तीकरण, पर्यटन, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और विवाह सहायता से आम लोगों को लाभ मिलेगा। प्रदेश की पर्यटन क्षमता का पूरी तरह से पता लगा लें, तो जम्मू-कश्मीर एशिया का स्विट्जरलैंड बन सकता है।
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना चाहिए : कर्रा
कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा, बजट सकारात्मक है। हालांकि, दैनिक वेतनभोगियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रिक्त पदों को भरने, कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के मुद्दे को बजट में प्रमुखता नहीं मिलने पर उन्होंने निराशा जताई। कहा, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। कर्रा ने सामाजिक और आर्थिक पहलुओं, सतत पर्यटन और खनिज दोहन के बारे में भी विस्तार से बात की। कहा, लोगों ने हमें वोट देकर विधानसभा में भेजा है, तो यह जनादेश का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है।
उमर अब्दुल्ला कमरे में भी बैठे रहेंगे तो भी राज्य का दर्जा बहाल होगा : सुनील शर्मा
विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस लोगों के साथ धोखा करती आ रही है। अब्दुल्ला परिवार की तीसरी पार्टी ने विधानसभा में पेश किए बजट में लोगों के साथ धोखा किया। यह बजट केंद्र की नीतियों पर मुहर है। बजट में अंत्योदय अन्न योजना से जुड़े परिवारों को दस किलो राशन देने की बात है, लेकिन इसमें कोई स्पष्टता नहीं है। 200 यूनिट मुफ्त बिजली को लेकर स्पष्टता नहीं है। पेट्रोल और डीजल महंगा किया है। उन्होंने कहा राज्य का दर्जा अपने तय समय पर बहाल होगा। नेकां के आगे-पीछे पुलिस हो, सिर्फ इसलिए इन्हें राज्य का दर्जा चाहिए। उमर अब्दुल्ला कमरे में भी बैठेंगे तो भी राज्य का दर्जा बहाल होगा।