जम्मू। शारीरिक व मानिसक चुनौतियों से लड़कर जीवन में सफलता हासिल करने वाले कुछ एक ही लोग होते हैं। इनमें पैरा तीरंदाज राकेश कुमार शामिल हैं, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिलेगा। 33 साल की उम्र में उन्होंने तीरंदाजी शुरू की और उसके अगले ही साल राकेश ने पहला स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का सुबूत दिया था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और पेरिस 2024 पैरालंपिक के मिश्रित कंपाउंड ओपन तीरंदाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
हर रोज भार में दो किमी तक चलाते हैं व्हीलचेयर
राकेश ने काफी बड़ी आयु में तीरांदाजी शुरू की थी, लेकिन कभी उनके खेल कौशल में कोई कमी नहीं दिखी। राकेश बताते हैं कि पेरिस पैरालांपिक में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं हुआ, लेकिन कांस्य पदक जीतने में कामयाबी मिली। राकेश बताते है कि रोज सुबह पांच बजे उठ जाते हैं। सुबह उठकर एक से दो किलोमीटर व्हीलचेयर चलाते हैं और कुछ योगासन करते हैं। राकेश देश के लिए पैरा तीरंदाजी में लगातार तीन स्वर्ण जीत चुके हैं। उनका सपना देश के लिए पैरालंपिक स्वर्ण जीतना है। राकेश बताते हैं कि पहले राष्ट्रीय खेलों में वह 17वें स्थान पर थे। इसके बाद पता चला कि कितनी मेहनत करनी है। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने पैरालांकिप में कांस्य पदक जीता। राकेश श्री माता देवी वैष्णो श्राइन बोर्ड में खेलते थे।
सम्मान पर जताई खुशी, कहा-जिम्मेदारी और बढ़ गई
अर्जुन अवार्ड मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए राकेश ने कहा कि अपने खेल जीवन में काफी उतार चढ़ाव देखे हैं। अवार्ड मिलने के बाद जिम्मेदारी और बढ गई। हमेशा अपने खेल को बेहतर करने पर काम किया है। उन्होंने कहा कि अब आठ जनवरी को दिल्ली में एशिया कप के लिए ट्रॉयल है। इसके बाद 11 से 12 जनवरी तक जयपुर में पैरा नेशनल चैंपियनशिप होगी जिसमें भाग लूंगा।
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कोच कुलदीप यादव ने राकेश के प्रतिभा को पहचाना और उन्हें ट्रेनिंग दी। 2017 में जब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक तीरंदाजी केंद्र स्थापित किया गया था तब उस समय कुलदीप कुमार राकेश को आर्चरी के बारे में बताया। इसके बाद तो फिर राकेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हालांकि, आर्चरी में करियर बनाना उनके लिए आसान नहीं था। आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान थे, तब माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा मदद की गई। उन्हें मासिक भत्ता दिया गया जिसके बाद वह आर्चरी पर फोकस कर पाए।
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राकेश कुमार पेरिस पैरालंपिक से पहले कई बड़े में इवेंट में अपनी निशानेबाजी का लोहा मनवाया था। राकेश ने एशियन पैरा गेम्स 2022 में मिक्स्ड टीम में गोल्ड मेडल जीता था, जबकि सिंगल्स में और मेंस टीम में राकेश ने सिल्वर पर निशाना साधा था। वहीं वर्ल्ड आर्चरी पैरा चैंपियनशिप 2023 में राकेश ने मिक्स्ड टीम में फिर गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में 2023 में राकेश ने सिगल्स और मिक्स्ड टीम में गोल्ड अपने नाम किए थे।
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कार एक्सीडेंट ने बदली जिंदगी
राकेश कुमार अपने रिश्तेदार से मिलने जम्मू गए थे। वहां से वापसी में एक्सीडेंट हो गया, जिसके कारण उनके स्पाइनल कॉर्ड में चोट लग गई थी। अमृतसर में उनकी सर्जरी हुई। परिवार ने राकेश के लिए सेकंड हैंड व्हील चेयर का इंतजाम किया। इसी की मदद से राकेश अपने दिनचर्या के काम बिना किसी मदद के करने लगे।