जम्मू। सीमा पर बढ़े तनाव के बीच किसी भी संभावित युद्ध की आशंका को देखते हुए बुधवार को नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजधानी जम्मू जिला समेत अन्य हिस्सों में माॅक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
इसमें किसी भी आक्रमण की स्थिति में आम लोगों, छात्रों और अन्य नागरिक सुरक्षा पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई हिस्सों में रात को बिजली बंद रखकर ब्लैक आउट करने का अभ्यास होगा।
ड्रिल में सिविल डिफेंस टीमों के साथ पुलिस, एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवियों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवियों को शामिल किया जाएगा।
जम्मू में शाम 4 बजे माॅक ड्रिल होगी। माक ड्रिल के बारे में मोबाइल एसएमएस, सार्वजनिक घोषणाओं और सामुदायिक सायरन से अलर्ट किया जाएगा। ड्रिल के हिस्से के रूप में विभिन्न स्थानों पर सायरन सक्रिय किए जाएंगे। यह आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का परीक्षण करने के लिए एक अभ्यास होगा। जम्मू के अखनूर, जिला उपायुक्त कार्यालय जम्मू, एक स्कूल सहित अन्य स्थानों पर माॅक ड्रिल होगी। जिला उपायुक्त जम्मू सचिन वैश्य के अनुसार बुधवार को माॅक ड्रिल की जाएगी और उसी दिन स्थलों को फाइनल किया जाएगा। एसएसपी जम्मू जोगेंद्र सिंह ने कहा कि सुरक्षा के सभी जरूरी बंदोबस्त किए जाएंगे। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की ओर से जागरूकता कार्यक्रम व मॉक ड्रिल सुबह 11 बजे से आईआईएम जम्मू के परिसर में होगी। इसमें आईआईएम जम्मू के सभी छात्र व संकाय सदस्य शामिल होंगे।
डोडा जिला प्रशासन ने भी माॅक ड्रिल के लिए तैयारी की है। यहां बुधवार की रात 8 से 8.15 बजे तक मॉक ब्लैकआउट ड्रिल होगी। इस अवधि में रोशनी वाले साधनों में इनवर्टर, टॉर्च, सोलर लाइट, वाहन लाइट, मोबाइल लाइट आदि लाइटों को बंद रखा जाएगा। यह केवल एक मॉक ड्रिल होगी और कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं है। वहीं, कश्मीर के 6 जिलों में शाम 4 बजे सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल होगी। कश्मीर में विभिन्न स्थानों पर सायरन सक्रिय किए जाएंगे। अनंतनाग, बडगाम, बारामुला, कुपवाड़ा, श्रीनगर और पुलवामा जिले के अधिकारियों ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे शांत रहें और चिंतित न हों।