जम्मू। जीएमसी जम्मू की इमरजेंसी में मंगलवार दोपहर युवक की मौत पर तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया।
मृतक अनिल कुमार (32) निवासी पैंथल, कटड़ा के भाई शाम पर इमरजेंसी के चार कैबिनों के शीशे तोड़ने का आरोप है। इस तोड़फोड़ में एक स्टाफ नर्स और निजी सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। शाम के सिर में भी चोट आई है और टांके लगे हैं।
परिवारवालों का आरोप है कि उनके मरीज के इलाज में डाॅक्टरों ने कोताही बरती, जिससे मौत हुई। अस्पताल प्रशासन ने भी स्थानीय पुलिस में शिकायत दी है।
कटड़ा से शिफ्ट होने के बाद अनिल को सोमवार की रात को जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। डाक्टरों के अनुसार उसे सीएलडी सिरोसिस के अलावा अन्य शारीरिक समस्याएं थीं, उसका लीवर लगभग खराब हो चुका था। प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे वार्ड 14 में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन मंगलवार सुबह उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उसे दोबारा इमरजेंसी में लाया गया, लेकिन दोपहर 12 बजे के करीब उसने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए तीमारदारों ने हंगामा कर दिया।
इमरजेंसी के बाहर विलाप कर रही मृतक की मां वैष्णो देवी का आरोप था कि उसका बेटा खुद चलकर अस्पताल आया था, खाना भी खाया और ठीक था। लेकिन तबीयत बिगड़ने पर डाक्टरों ने उसे सही ढंग से नहीं देखा। हम बार बार डाक्टरों के पास दौड़ते रहे, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिससे उसने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। आरोप है कि शाम ने इमरजेंसी में निर्माण स्थल से बेलचा उठाकर सबसे पहले इमरजेंसी प्रभारी के कक्ष पर हमला बोला, जहां दो शीशे तोड़ दिए गए।
इसके बाद एबीजी लैब, आर्थो कैबिन सहित अन्य जगहों के शीशे तोड़े गए। इससे इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसी तरह शाम को निजी सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने पकड़कर स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचाया। भाई के शव के पास खड़े शाम ने आरोप लगाया कि वह एक घंटे से डाक्टर को बुला रहे थे, लेकिन कोई नहीं आया और मेरे भाई ने मेरी आंखों के सामने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद सभी डॉक्टर भाग गए थे, अगर वे सही होते तो वहां मौजूद रहते। इमरजेंसी के बाहर शव रखकर परिवारवारों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। जिसके बाद शव को एंबुलेंस में भेज दिया गया।